Amazing Facts: हमारे आसपास की दुनिया में हर रोज कुछ न कुछ ऐसा होता है जो हमें सोचने पर मजबूर कर देता है। कई बार हम रोजाना की चीजों को देखते हैं, इस्तेमाल करते हैं लेकिन कभी ये नहीं सोचते कि आखिर ऐसा क्यों है। जैसे कि रविवार को छुट्टी क्यों होती है, डॉक्टर सफेद कोट क्यों पहनते हैं या स्कूल बस का रंग पीला क्यों होता है। आज हम आपके लिए ऐसे ही कुछ रोचक और अद्भुत तथ्य लेकर आए हैं जो आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाने के साथ-साथ आपको हैरान भी कर देंगे। ये सवाल हर किसी के मन में कभी न कभी जरूर आते हैं। तो चलिए जानते हैं इन दिलचस्प सवालों के जवाब और अपनी जानकारी को और भी बेहतर बनाते हैं।
प्रश्न 1. रविवार को छुट्टी क्यों मनाई जाती है?
रविवार को छुट्टी मनाने की परंपरा बहुत पुरानी है। इसकी शुरुआत ईसाई धर्म से हुई थी। ईसाई धर्म के अनुसार भगवान ने छह दिन में दुनिया बनाई और सातवें दिन यानी रविवार को आराम किया था। इसलिए रविवार को पवित्र दिन माना जाता है और इस दिन चर्च में प्रार्थना की जाती है। जब अंग्रेज भारत आए तो उन्होंनेन्हों नेयहाँ भी रविवार को सप्ताहिक अवकाश के रूप में लागू किया। धीरे-धीरे ये परंपरा पूरी दुनिया में फैल गई। आज लगभग सभी देशों में रविवार को छुट्टी होती है ताकि लोग अपने परिवार के साथ समय बिता सकें और आराम कर सकें। हालांकि कुछ मुस्लिम देशों में शुक्रवार को छुट्टी होती है और इजरायल में शनिवार को। लेकिन ज्यादातर देशों में रविवार ही साप्ताहिक अवकाश का दिन है।
प्रश्न 2. डॉक्टर सफेद कोट क्यों पहनते हैं?
डॉक्टर सफेद कोट पहनते हैं क्योंकिक्यों सफेद रंग साफ-सफाई और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। उन्नीसवीं सदी से पहले डॉक्टर काले कपड़े पहनते थे लेकिन जब चिकित्सा विज्ञान में स्वच्छता का महत्व समझा गया तो डॉक्टरों ने सफेद कोट पहनना शुरू किया। सफेद रंग पर जरा सी भी गंदगी दिख जाती है इसलिए डॉक्टर अपने कोट को रोजाना धोते हैं और साफ रखते हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है। सफेद कोट मरीजों में भरोसा भी जगाता है और उन्हें लगता है कि डॉक्टर साफ-सुथरे और पेशेवर हैं। आजकल कुछ डॉक्टर नीले या हरे रंग के कपड़े भी पहनते हैं खासकर ऑपरेशन थिएटर में क्योंकिक्यों ये रंग आंखों के लिए आरामदायक होते हैं। लेकिन सफेद कोट आज भी डॉक्टरों की पहचान बनी हुई है।
प्रश्न 3. स्कूल बस का रंग पीला क्यों होता है?
स्कूल बस का रंग पीला इसलिए होता है क्योंकिक्यों ये रंग सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करता है। पीला रंग दूर से भी आसानी से दिख जाता है और सुबह के धुंधलके या शाम के अंधेरे में भी अच्छी तरह नजर आता है। यह परंपरा अमेरिका से शुरू हुई थी। सन 1939 में अमेरिका में एक सम्मेलन हुआ जिसमें तय किया गया कि स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए। इसका मुख्य कारण बच्चों की सुरक्षा थी। पीले रंग की बस को सड़क पर हर कोई आसानी से पहचान लेता है और सावधान हो जाता है। इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाती है। भारत में भी इसी परंपरा को अपनाया गया। पीले रंग को चेतावनी का रंग भी माना जाता है जो ड्रा इवरों को सतर्क करता है कि सड़क पर बच्चे हैं।
प्रश्न 4. लिफ्ट के अंदर शीशा क्यों होते हैं?
लिफ्ट के अंदर शीशे लगाने के कई कारण हैं। सबसे पहला कारण है सुरक्षा। शीशे की वजह से लिफ्ट में घुसने से पहले आप देख सकते हैं कि अंदर कौन है। इससे लोग सुरक्षित महसूस करते हैं खासकर महिलाएं और बच्चे। दूसरा कारण है कि शीशा लिफ्ट को बड़ा दिखाता है। लिफ्ट एक छोटी सी जगह होती है और कई लोगों को बंद जगहों में घबराहट होती है। शीशा लगने से लिफ्ट बड़ी और खुली लगती है और लोगों को असहजता कम महसूस होती है। तीसरा कारण है कि लोग शीशे में अपने आप को देखते रहते हैं और इससे उनका ध्यान बंटा रहता है। अगर शीशा न हो तो छोटी सी लिफ्ट की यात्रा भी लंबी और बोरिंग लगने लगती है। इसलिए आजकल हर लिफ्ट में शीशा जरूर लगाया जाता है।
प्रश्न 5. मुसलमान कुत्ते क्यों नहीं पालते हैं?
यह एक आम धारणा है कि मुसलमान कुत्ते नहीं पालते लेकिन ये पूरी तरह सच नहीं है। इस्लाम में कुत्ते को पूरी तरह से हराम या गलत नहीं माना गया है। हदीस के अनुसार कुत्ते की लार को अशुद्ध माना जाता है और अगर कुत्ता किसी बर्तन को चाट ले तो उसे सात बार धोना पड़ता है। इसलिए कई मुसलमान घर के अंदर कुत्ता नहीं रखते। लेकिन इस्लाम में शिकार के लिए, खेतों की रखवाली के लिए या भेड़- बकरियों को चराने के लिए कुत्ता पालने की इजाजत है। कई मुसलमान देशों में लोग कुत्ते पालते हैं। बस ध्यान रखा जाता है कि कुत्ता घर के अंदर न आए और नमाज पढ़ने की जगह साफ रहे। तो ये कहना गलत है कि मुसलमान बिल्कुल भी कुत्ते नहीं पालते। वो सिर्फ धार्मिक नियमों का पालन करते हुए कुत्ते को एक निश्चित तरीके से पालते हैं।
प्रश्न 6. अगरबत्ती जलाने की क्या फायदे हैं?
अगरबत्ती जलाने के कई फायदे हैं। सबसे पहला फायदा है कि इससे घर में अच्छी खुशबू फैलती है और माहौल शांत हो जाता है। अगरबत्ती में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जैसे चंदन, लैवेंडर, गुलाब आदि में औषधीय गुण होते हैं। इनकी सुगंध से मन शांत होता है और तनाव कम होता है। ध्यान या योग करते समय अगरबत्ती जलाने से एकाग्रता बढ़ती है। कुछ अगरबत्तियों में मच्छर भगाने के गुण भी होते हैं। धार्मिक दृष्टि से भी अगरबत्ती का बहुत महत्व है। पूजा-पाठ में अगरबत्ती जलाना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। वैज्ञानिक रूप से भी देखा गया है कि अच्छी सुगंध से दिमाग के रसायन बदलते हैं और मूड अच्छा होता है। हालांकि बहुत ज्यादा अगरबत्ती जलाना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है इसलिए संतुलित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए।
प्रश्न 7. हवाई जहाज की खिड़की गोल क्यों होती है?
हवाई जहाज की खिड़की गोल या अंडाकार होती है क्योंकिक्यों ये ज्यादा सुरक्षित होती है। पहले के जहाजों में चौकोर खिड़कियां होती थीं लेकिन उनके कोनों पर दबाव ज्यादा पड़ता था। जब जहाज ऊंचाई पर उड़ता है तो बाहर और अंदर के दबाव में बहुत फर्क होता है। चौकोर खिड़की के कोने इस दबाव को सहन नहीं कर पाते थे और दरारें पड़ जाती थीं।थीं इससे कई दुर्घटनाएं हुईं। फिर इंजीनियरों ने पाया कि गोल या अंडाकार खिड़कियों में दबाव बराबर बंट जाता है और कोई कमजोर बिंदु नहीं रहता। इसलिए सन 1950 के बाद से सभी हवाई जहाजों में गोल खिड़कियां लगाई जाने लगीं।गीं ये छोटा सा बदलाव लेकिन बहुत महत्वपूर्ण है। इससे हवाई यात्रा बहुत सुरक्षित हो गई है। आज भी नए जहाजों में इसी डिजाइन का इस्तेमाल किया जाता है।
प्रश्न 8. एटीएम में हरे रंग की बत्ती क्यों होती है?
एटीएम में हरे रंग की बत्ती इसलिए होती है ताकि रात के अंधेरे में भी लोग आसानी से एटीएम को पहचान सकें। हरा रंग शांति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। जब हरी बत्ती जलती है तो इसका मतलब है कि एटीएम काम कर रहा है और इस्तेमाल के लिए तैयार है। यह बत्ती दूर से भी दिख जाती है जिससे लोगों को पता चल जाता है कि यहाँ एटीएम है। इसके अलावा हरी रोशनी में एटीएम के कैमरे भी अच्छी तरह काम करते हैं और सुरक्षा बनी रहती है। कुछ जगहों पर लाल या नीली बत्ती भी होती है लेकिन हरी बत्ती सबसे आम है। ये एक अंतरराष्ट्री य मानक बन गया है। रात में अकेले एटीएम जाने पर हरी बत्ती देखकर लोगों को सुरक्षित महसूस होता है।
प्रश्न 9. टायर का रंग काला ही क्यों होता है?
टायर का रंग काला इसलिए होता है क्योंकिक्यों इसमें कार्बन ब्लैक नाम का पदार्थ मिलाया जाता है। शुरुआत में टायर सफेद रंग के रबर से बनते थे लेकिन वो जल्दी घिस जाते थे और ज्यादा मजबूत नहीं होते थे। फिर वैज्ञानिकों ने पाया कि अगर रबर में कार्बन ब्लैक मिला दिया जाए तो टायर की मजबूती 50 गुना तक बढ़ जाती है। कार्बन ब्लैक रबर को सूरज की हानिकारक किरणों से भी बचाता है और टायर लंबे समय तक चलते हैं। इससे टायर की पकड़ भी अच्छी होती है और सड़क पर फिसलन नहीं होती। कार्बन ब्लैक का रंग काला होता है इसलिए टायर भी काले हो जाते हैं। आज पूरी दुनिया में सभी गाड़ियों के टायर काले ही होते हैं। ये सुरक्षा और टिकाऊपन दोनों के लिहाज से सबसे बेहतर विकल्प है।
Disclaimer: ये सवाल और इनके जवाब सिर्फ सामान्य ज्ञान और जानकारी बढ़ाने के उद्देश्य से दिए गए हैं। यहाँ दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों से एकत्र की गई है और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। हमने पूरी कोशिश की है कि सही और सटीक जानकारी दी जाए लेकिन अगर किसी तथ्य में कोई त्रुटि हो तो हमें माफ करें। किसी भी विषय पर गहन जानकारी के लिए विशेषज्ञों से संपर्क करें। इन तथ्यों को अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें और अपना ज्ञान बढ़ाएं।