General knowledge: हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ ऐसे नंबर और चीजें हैं जिनके पीछे दिलचस्प कहानियां छिपी होती हैं । जैसे कि 786 नंबर का क्या मतलब है, 420 को बुरा क्यों माना जाता है या 13 को अशुभ क्यों कहा जाता है । ये सवाल हर किसी के मन में कभी न कभी जरूर आते हैं । आज हम ऐसे ही 10 रोचक सवालों के जवाब लेकर आए हैं जो आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाने के साथ-साथ आपको कई दिलचस्प तथ्यों से रूबरू कराएंगे । ये जानकारी न केवल आपके ज्ञान को बढ़ाएगी बल्कि आपको दूसरों से अलग भी बनाएगी । तो चलिए जानते हैं इन रोचक सवालों के जवाब ।
प्रश्न 1. 786 का मतलब क्या होता है?
786 एक पवित्र नंबर है जो इस्लाम धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है । दरअसल 786 अरबी में लिखे गए ‘बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम’ का संख्यात्मक रूप है । इसका मतलब है अल्लाह के नाम से जो बहुत मेहरबान और दयालु है । अरबी भाषा में हर अक्षर का एक अंक होता है । जब बिस्मिल्लाह के सभी अक्षरों के अंकों को जोड़ा जाता है तो कुल 786 आता है । इसलिए मुसलमान लोग इस नंबर को बहुत शुभ मानते हैं और अपनी गाड़ियों, घरों या दुकानों पर इसे लिखते हैं ।
प्रश्न 2. 420 का मतलब क्या होता है?
420 का मतलब है धोखेबाज या बेईमान । यह शब्द भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 से आया है । इस धारा में धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े अपराधों की सजा का प्रावधान है । जो व्यक्ति किसी को धोखा देकर उसकी संपत्ति हथियाता है, उस पर धारा 420 लगाई जाती है । राज कपूर की फिल्म के एक मशहूर गाने के बाद यह शब्द और भी लोकप्रिय हो गया ।
प्रश्न 3. 13 को अशुभ क्यों मानते हैं?
13 नंबर को दुनिया के कई देशों में अशुभ माना जाता है, जिसे अंग्रेजी में ‘ट्राइस्कैडेकाफोबिया’ कहते हैं । ईसाई धर्म के अनुसार, यीशु मसीह के आखिरी रात्रि भोज (Last Supper) में 13 लोग थे और 13वें व्यक्ति ने उनके साथ धोखा किया था । इसी वजह से पश्चिमी देशों में कई इमारतों में 13वीं मंजिल या होटल में कमरा नंबर 13 नहीं होता । हालांकि, भारत में कई लोग इसे भाग्यशाली भी मानते हैं ।
प्रश्न 4. 333 का मतलब क्या होता है?
333 को आध्यात्मिक और अंकशास्त्र (Numerology) में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है । अंकशास्त्र के अनुसार, बार-बार 333 दिखने का मतलब है कि आप सही रास्ते पर हैं और जीवन में कुछ अच्छा होने वाला है । कुछ संस्कृतियों में इसे पूर्णता का प्रतीक और सकारात्मक शक्तियों की उपस्थिति का संकेत माना जाता है ।
प्रश्न 5. 11, 21, 51, 101 शगुन क्यों देते हैं?
भारतीय परंपरा में शगुन के रूप में हमेशा एक अंक ज्यादा देने की रीति है । इसके पीछे यह माना जाता है कि गोल संख्या (जैसे 10, 20, 100) पूर्णता यानी समाप्ति का प्रतीक है । लेकिन एक रुपया ज्यादा देने से वह क्रम अधूरा रह जाता है, जिसका अर्थ है कि रिश्ता और आशीर्वाद लगातार जारी रहेगा ।
प्रश्न 6. 7 नंबर इतना खास क्यों होता है?
7 को पूरी दुनिया में सबसे भाग्यशाली नंबर माना जाता है । इसके कई उदाहरण हैं: हफ्ते में 7 दिन, इंद्रधनुष में 7 रंग, संगीत के 7 सुर और दुनिया के 7 अजूबे । धार्मिक रूप से हिंदू धर्म में सात फेरे और सात वचन होते हैं, जबकि इस्लाम में काबा की 7 बार परिक्रमा की जाती है । वैज्ञानिक रूप से भी इंसान का दिमाग एक बार में 7 चीजें आसानी से याद रख सकता है ।
प्रश्न 7. 108 का धार्मिक महत्व क्या है?
108 हिंदू धर्म का सबसे पवित्र नंबर है । माला में 108 मनके होते हैं और 108 उपनिषद हैं । इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है: सूर्य से पृथ्वी की दूरी सूर्य के व्यास का लगभग 108 गुना है, और यही अनुपात चंद्रमा के साथ भी है । योग शास्त्र में शरीर में 108 मर्म बिंदु माने गए हैं ।
प्रश्न 8. 666 को शैतान का नंबर क्यों कहा जाता है?
पश्चिमी देशों में 666 को ‘नंबर ऑफ द बीस्ट’ (शैतान का नंबर) माना जाता है । इसका जिक्र बाइबिल की अंतिम किताब ‘रिवेलेशन’ में मिलता है, जहाँ इसे बुराई और अंधकार का प्रतीक बताया गया है । हॉलीवुड की कई डरावनी फिल्मों में भी इस नंबर का इस्तेमाल इसी संदर्भ में किया गया है ।
प्रश्न 9. 9 नंबर को शुभ क्यों माना जाता है?
9 को पूर्णता की संख्या कहा जाता है । हिंदू धर्म में 9 ग्रह और 9 दिनों की नवरात्रि होती है । चीन में इसे लंबे जीवन का प्रतीक मानकर भाग्यशाली माना जाता है । गणित में भी 9 का जादू है किसी भी संख्या को 9 से गुणा करने पर उसके अंकों का जोड़ अंत में 9 ही आता है ।
प्रश्न 10. 0 की खोज किसने की और क्यों जरूरी है?
शून्य (0) की खोज भारतीय गणितज्ञ आर्यभट्ट और ब्रह्मगुप्त ने की थी । इसके बिना आधुनिक गणित, विज्ञान और तकनीक की कल्पना करना असंभव है । आज कंप्यूटर की बाइनरी भाषा से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक सब कुछ शून्य पर ही आधारित है । यह पूरी दुनिया को भारत की सबसे बड़ी देन है ।
Disclaimer: ये सवाल और जवाब सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए हैं । धार्मिक और सांस्कृतिक जानकारियां विभिन्न स्रोतों से ली गई हैं; हर व्यक्ति की अपनी मान्यताएं हो सकती हैं । स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श जरूर लें ।