Suvichar In Hindi: रसोई घर को हमारे घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना जाता है क्योंकि यही वह जगह है जहाँ से पूरे परिवार को ऊर्जा और पोषण मिलता है। वास्तु शास्त्र में रसोई के बर्तनों का भी अपना एक विशेष महत्व है और इनमें तवा सबसे अहम माना गया है। मैंने अपने अनुभव में देखा है कि कई बार हम तवे के रख-रखाव में कुछ ऐसी छोटी गलतियाँ कर देते हैं जो अनजाने में घर की बरकत को रोक देती हैं। पुराने लोगों का मानना था कि तवा साक्षात राहु का प्रतीक होता है और इसका सही इस्तेमाल घर में लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त करता है।
1. तवे को कभी भी खुला या सामने न रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में तवा और कड़ाही कभी भी ऐसी जगह नहीं रखने चाहिए जहाँ से वे बाहर से आने वाले किसी भी व्यक्ति को सीधे दिखाई दें। मैंने अक्सर गौर किया है कि जो लोग अपने तवे को छुपाकर या किसी कैबिनेट के अंदर रखते हैं, उनके घर में धन का अपव्यय कम होता है। तवे का बाहरी व्यक्ति की नज़र में आना घर की बरकत को कम कर सकता है।
2. गर्म तवे पर कभी भी पानी न छिड़कें
अक्सर काम जल्दी खत्म करने के चक्कर में हम गर्म तवे पर पानी डाल देते हैं, जिससे छन-छन की आवाज़ आती है। वास्तु के नज़रिए से यह ध्वनि बहुत ही अशुभ मानी जाती है। बड़े-बुजुर्ग कहते थे कि यह आवाज़ घर में अचानक आने वाली मुसीबतों या बीमारी का संकेत होती है। तवे को हमेशा अपने आप ठंडा होने दें और उसके बाद ही उसे धोने के लिए ले जाएं।
3. रात के समय तवे को कभी जूठा न छोड़ें
यह सबसे ज़रूरी नियम है। मैंने देखा है कि बहुत से घरों में रात के बर्तन सुबह धोए जाते हैं, लेकिन तवे के साथ ऐसा करना दरिद्रता को न्योता देना है। तवे को इस्तेमाल के बाद तुरंत साफ करके रखना चाहिए। जूठा तवा रात भर रसोई में रहने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक उन्नति में बाधा आती है।
4. तवे को कभी भी उल्टा करके न रखें
कुछ लोगों की आदत होती है कि वे धोने के बाद या इस्तेमाल न होने पर तवे को उल्टा करके रख देते हैं। वास्तु के अनुसार तवे को उल्टा रखना घर में अचानक होने वाली दुर्घटनाओं या धन हानि का कारण बन सकता है। तवे को हमेशा सीधा और सम्मानजनक स्थिति में रखना चाहिए।
5. पहली रोटी के लिए तवे पर नमक का प्रयोग
रोटी बनाना शुरू करने से पहले गर्म तवे पर थोड़ा सा नमक छिड़कना बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इससे घर के सभी वास्तु दोष दूर होते हैं और अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है। नमक छिड़कने के बाद उसे किसी साफ कपड़े से पोंछ लें और फिर पहली रोटी बनाएं। यह छोटी सी क्रिया आपके घर की सुख-समृद्धि को बढ़ा सकती है।
6. पहली रोटी हमेशा गाय या कुत्ते के लिए निकालें
भाग्यशाली पुरुष वही है जिसके घर में पहली रोटी इंसान के लिए नहीं बल्कि किसी जीव के लिए बने। तवे पर बनने वाली पहली रोटी हमेशा गाय के लिए निकालनी चाहिए। मैंने महसूस किया है कि जो परिवार इस नियम का पालन करते हैं, उनके यहाँ कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती। यह दान की भावना ही आपके भाग्य को चमकाती है।
7. तवे को साफ करने के लिए नुकीली चीज़ों का इस्तेमाल न करें
तवे पर जमी हुई गंदगी को खुरचने के लिए कभी भी चाकू या किसी नुकीली चीज़ का इस्तेमाल न करें। वास्तु के अनुसार तवे को खुरचना घर के मुखिया के मान-सम्मान को ठेस पहुँचाने के बराबर माना जाता है। इसे हमेशा प्यार और सहजता से साफ करें। यदि तवा बहुत गंदा है, तो उसे गरम पानी में भिगोकर साफ करना बेहतर होता है।
8. टूटा हुआ या जंग लगा तवा तुरंत हटा दें
रसोई में कभी भी ऐसा तवा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जो कहीं से टूटा हुआ हो या जिस पर बहुत ज़्यादा जंग लगा हो। ऐसा बर्तन घर में कंगाली लाता है। मैंने अक्सर देखा है कि लोग पुराना समझकर उसे इस्तेमाल करते रहते हैं, लेकिन यह आपकी तरक्की में रुकावट डालता है। साफ और चमकदार तवा ही घर की आर्थिक स्थिति को चमकदार बनाता है।
9. खाना बनाने के बाद तवे की सही दिशा
तवे को हमेशा चूल्हे के दाहिनी (Right) तरफ रखना चाहिए। दाहिनी दिशा को सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। खाना बनाने के बाद तवे को चूल्हे पर कभी खाली न छोड़ें। इसे उतारकर इसकी निश्चित जगह पर रख दें। यह अनुशासन और व्यवस्था ही घर में धन के ठहराव को सुनिश्चित करती है।
Disclaimer: यह लेख किसी ग्रंथ की हूबहू नकल नहीं है, बल्कि यह समाज में देखे गए अनुभवों और वास्तु की पुरानी मान्यताओं का एक निचोड़ है। हर घर की अपनी ऊर्जा और परिस्थितियाँ अलग हो सकती हैं, इसलिए इन बातों को जीवन को व्यवस्थित करने के एक सुझाव के रूप में देखना चाहिए।