Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में शरीर के संकेतों को बहुत महत्व दिया गया है। मैंने अपने अनुभव और बुजुर्गों की बातों से यह समझा है कि आंख फड़कना केवल संयोग नहीं माना जाता बल्कि इसके पीछे ऊर्जा और समय का प्रभाव देखा जाता है। खासकर स्त्रियों के लिए आंख फड़कने को शुभ या अशुभ से जोड़ा जाता है। सही दिशा सही आंख और सही समय हो तो यह आने वाले अच्छे संकेत भी माना जाता है।
1. बाईं आंख का फड़कना स्त्रियों के लिए शुभ माना जाता है
वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि किसी स्त्री की बाईं आंख फड़कती है तो इसे शुभ संकेत माना जाता है। यह इस बात का इशारा हो सकता है कि कोई अच्छी खबर मिलने वाली है या कोई रुका हुआ काम पूरा होने वाला है। मैंने कई बार देखा है कि बाईं आंख फड़कने के बाद स्त्रियों के जीवन में सुखद घटनाएं घटित होती हैं। इसे धन लाभ सम्मान या मन की प्रसन्नता से भी जोड़ा जाता है।
2. दाईं आंख का फड़कना सावधानी का संकेत माना जाता है
अगर स्त्री की दाईं आंख फड़कती है तो वास्तु के अनुसार इसे सतर्क रहने का संकेत माना जाता है। इसका मतलब यह नहीं कि कुछ बुरा ही होगा बल्कि यह इशारा करता है कि किसी निर्णय में जल्दबाजी न करें। ऐसे समय में शब्दों और व्यवहार पर संयम रखना लाभकारी होता है। अनुभव में यह देखा गया है कि दाईं आंख फड़कने पर भावनाओं में बहने से नुकसान हो सकता है।
3. आंख फड़कने का समय भी बहुत मायने रखता है
वास्तु शास्त्र मानता है कि आंख फड़कने का असर समय के अनुसार बदलता है। सुबह या दिन में बाईं आंख फड़कना अधिक शुभ माना जाता है जबकि रात में आंख फड़कने को मन की बेचैनी से जोड़ा जाता है। अगर यह बार बार हो रहा हो तो इसे थकान या तनाव का संकेत भी माना जा सकता है। इसलिए संकेत के साथ साथ शरीर की स्थिति को समझना भी जरूरी होता है।
Disclaimer: यह जानकारी वास्तु शास्त्र की मान्यताओं और लोक अनुभवों पर आधारित है। हर व्यक्ति का शरीर और परिस्थिति अलग हो सकती है। आंख फड़कने को बीमारी या भविष्यवाणी की तरह न लें। किसी स्वास्थ्य समस्या में चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी होता है।